Barnala Water Crisis – Barnala शहर के वार्ड नंबर 13, बाजवा पत्ती इलाके में रहने वाले लोग पिछले कई वर्षों से पीने के गंदे और कम पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। यह इलाका शहर से ऊंचाई पर और पुराना बसा हुआ रिहायशी क्षेत्र है, जहां करीब 4000 की आबादी रहती है, जिनमें से लगभग 2500 लोग सीधे इस समस्या से प्रभावित हैं।
स्थानीय लोगों को या तो महंगे टिल्लू पंप लगाकर पानी का इंतजाम करना पड़ता है या फिर पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ता है। गंदे पानी के कारण इलाके में चिकनगुनिया जैसी बीमारियां भी तेजी से फैली हैं।
वार्ड नंबर 13 की म्युनिसिपल काउंसिलर के पति गुरदर्शन सिंह बराड़ ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे लंबे समय से सरकार और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। सरकारी ट्यूबवेल पास तो हुआ, लेकिन गलत जगह लगने और पाइपलाइन किसी अन्य इलाके में देने से लोगों में भारी निराशा है।
इलाके के निवासी डिप्टी कमिश्नर बरनाला से भी मिल चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। संबंधित विभाग ने फोन पर छुट्टी का हवाला देते हुए कहा कि काम चल रहा है और जल्द समाधान किया जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
👉 कुल मिलाकर, नगर निगम का दर्जा मिलने के बावजूद, बुनियादी सुविधा पानी के लिए वार्ड 13 के लोग आज भी संघर्ष कर रहे हैं।
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