आपने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग पर गंभीर आरोप लगाए हैं—कि उन्होंने मुख्यमंत्री और AAP से कथित समझौते कर अपने राजनीतिक हित साधे, पार्टी को कमजोर किया और नवजोत सिद्धू के समर्थकों को दरकिनार किया। आप कहते हैं कि वारिंग ने आंतरिक विरोधियों पर कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें पद देकर सिद्धू को नुकसान पहुँचाया। आपके अनुसार उन्होंने आपकी सीट पर आपके खिलाफ लोगों को खड़ा किया और कुल मिलाकर कांग्रेस को मजबूत करने के बजाय बर्बाद किया। अंत में आप कहते हैं कि आपके पास सबूत हैं, लेकिन आपने खुद कांग्रेस छोड़ दी है इसलिए आगे लड़ने में रुचि नहीं रखते।


