Saturday, March 14, 2026
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Kapurthala : रिश्तों को किया तार-तार, ओमान में भांजी को बेच आई मामी, 1200 रियाल में हुआ सौदा

कपूरथला: रिश्तों को किया तार-तार, ओमान में भांजी को बेच आई मामी, 1200 रियाल में हुआ सौदा

कपूरथला। विदेश में बेहतर कमाई का सपना दिखाकर बेटियों को परदेश भेजने का खेल अब खतरनाक मोड़ ले चुका है। ताजा मामला इंसानियत और रिश्तों दोनों को शर्मसार करने वाला है, जहां एक युवती को उसकी ही मामी ने धोखे से ओमान ले जाकर वहां बेच दिया और खुद भारत लौट आई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल की पहल पर ओमान में फंसी पंजाब की पांच युवतियों को सुरक्षित देश वापस लाया गया। इनमें शामिल जालंधर जिले की एक पीड़िता ने भारत पहुंचने के बाद जो कहानी सुनाई, वह किसी को भी भीतर तक हिला देने वाली है।


समय पर मदद मिली, वरना बच पाना मुश्किल था

पीड़िता ने बताया कि अगर समय रहते हस्तक्षेप न होता तो शायद वह आज अपने घर तक नहीं पहुंच पाती। उसके परिजनों ने दिसंबर में संत सीचेवाल से गुहार लगाई थी। मामला उठते ही विदेश मंत्रालय के स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई और कुछ ही दिनों में उसकी वापसी संभव हो सकी।

30 दिसंबर को वह चार अन्य युवतियों के साथ भारत लौटी। वापसी के बाद उसे पहली बार खुलकर सांस लेने का मौका मिला।


Job Offer का झांसा, असल में बना दिया शिकार

युवती के मुताबिक सितंबर में उसे विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। कहा गया कि ओमान में safe job, अच्छा वेतन और बेहतर जीवन मिलेगा। इसी भरोसे में वह मामी के साथ विदेश चली गई।

लेकिन वहां पहुंचते ही हकीकत सामने आ गई। उसे पता चला कि उसका सौदा 1200 ओमानी रियाल में तय किया जा चुका है। सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उसे मालूम हुआ कि इस पूरे जाल में उसकी अपनी मामी ही शामिल थी, जो उसे वहां छोड़कर भारत लौट आई।


चार महीने बना डरावना सपना

पीड़िता ने बताया कि ओमान में बिताया हर दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं था। उस पर जबरन गलत काम करने का दबाव बनाया जाता था। मना करने पर उसके साथ मारपीट की जाती और मानसिक रूप से तोड़ा जाता।

जब उसने भारत लौटने की बात कही तो उसे साफ कह दिया गया कि दो लाख रुपये देने होंगे, वरना यहीं रहकर काम करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, उस पर भारत से दो और युवतियां भेजने का दबाव भी बनाया गया।


जब इज्जत और जान दोनों खतरे में दिखीं

करीब दो महीने तक वह घरेलू काम करती रही, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते चले गए। जब उसे लगा कि अब उसकी dignity और safety दोनों खतरे में हैं, तो उसने किसी तरह वहां से निकलने का रास्ता ढूंढा और एक सुरक्षित स्थान तक पहुंची।

वहां जाकर उसे पता चला कि उसके जैसी लगभग 70 अन्य भारतीय युवतियां भी इसी तरह फंसी हुई हैं। सभी को domestic work के नाम पर बुलाया गया था, लेकिन हकीकत में उनका शोषण किया जा रहा था।


भूखा रखना और मारपीट बना रोज का सिलसिला

पीड़िता ने बताया कि विरोध करने पर कई बार उन्हें खाना तक नहीं दिया जाता था। शारीरिक उत्पीड़न और धमकियां आम बात थीं। बड़े सपने दिखाकर बुलाया जाता है, लेकिन वहां पहुंचते ही जिंदगी नर्क बन जाती है।


दूसरी युवतियों को दी चेतावनी

पीड़िता ने देश की बेटियों और उनके परिवारों से अपील की कि overseas job के नाम पर किए जा रहे वादों में आंख मूंदकर भरोसा न करें। बिना पूरी जानकारी और सरकारी प्रक्रिया के विदेश जाना खतरनाक साबित हो सकता है।


Human Trafficking पर सख्त कार्रवाई की मांग

संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि यह मामला human trafficking का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने बताया कि ओमान में अब भी कई भारतीय युवतियां फंसी हुई हैं। ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई और बेटी इस जाल में न फंसे।


यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि लालच और मजबूरी का फायदा उठाकर कैसे बेटियों को परदेश में बेच दिया जा रहा है। अब जरूरत है कि ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिले, ताकि किसी और घर का चिराग इस तरह न बुझे।

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